अजीब किस्म का शायर हूँ मैं भी..
🌤अजीब किस्म का
शायर हूँ मैं भी..
सिर्फ एक वाह 👍🏽के लिये
कई दर्द सुना देता हूँ..
🚿
खूब करता है, वो मेरे ज़ख्म का
इलाज..
कुरेद कर देख लेता है रोज,और
कहता है वक्त लगेगा..
🚿
"ज़िन्दगी" तुझसे हर कदम पर
समझौता क्यों किया जाए...
शौक "जीने" का है, मगर इतना भी
नहीं की मर मर के जिया जाए..
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तू पंख ले ले,
मुझे सिर्फ हौसला देदे...
फिर आँधियो को
मेरा नाम और पता देदे...
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पैसे से सुख कभी खरीदा नहीं जाता
और दुःख का कोई खरीदार नहीं
होता..
🚿
बेवक़्त, बेवजह, बेहिसाब
मुस्कुरा दीजिए.....
आधे दुश्मनो को तो
यूँ ही हरा दीजिए......
🚿
*विरासत के दौलतमंद क्या जाने
मेहनत का नशा...
*जिंदगी वो नहीं, जो अपने पुरखो पे
जी जाएँ...
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