मरा-मरा कहते कहते राम उच्चरित हो जाएगा
❤ मरा-मरा कहते कहते
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❤ राम उच्चरित हो जाएगा ❤
When our quiet times feel dry and functional, without any depth or intimacy with God.
When our prayers feel like they are bouncing off the ceiling. When we just wonder where God is.
Yet, the "Bibliography" tells us that God turns His face towards us, that He is so close it is like we are face to face with Him.
ंंंंंंंंंंंंंंंंंं
" कोई बात निरुद्देश्य न कही जायेगी
पहचान सबकी होगी अनमोल
तब जियेंगे सब बन्दे
मन की सारी गिरहें खोल
प्रार्थना के क्षण जी लो
संकुचित मन की सीमाओं का विस्तार हो जाएगा
मरा-मरा कहते कहते
राम उच्चरित हो जाएगा "
़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़
शनिवार की शुभकामनाएँ के साथ सदैव मित्र
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